ज़्यादातर लोग सोचते हैं कि उन्हें अखरोट पसंद नहीं। असल में उन्हें बासी अखरोट पसंद नहीं है। भारत में खुला बिकने वाला ज़्यादातर अखरोट वही बासी माल है। ताज़ा अखरोट मीठा, मक्खन जैसा और हल्का दूधिया होता है। कड़वा, सूखा और हल्का रसायन जैसा स्वाद अखरोट का नहीं, पुराने तेल का है।
अखरोट कड़वा क्यों हो जाता है?
अखरोट में लगभग 65% वसा होती है, और उसका करीब 70% हिस्सा पॉलीअनसैचुरेटेड वसा है। यह किसी भी आम नट में सबसे ज़्यादा है। यह वसा सबसे नाज़ुक होती है: ऑक्सीजन के संपर्क में आकर टूटती है और कड़वे यौगिक बनाती है। इसी को तेल का खराब होना (रैंसिडिटी) कहते हैं।
36+ का मतलब
अखरोट की गिरी को इस आधार पर ग्रेड किया जाता है कि कुल माल में कितना हिस्सा साबुत आधे हिस्सों (हाल्व्स) में है। 36+ का मतलब है कम से कम 36% गिरी साबुत आधे हिस्सों में है।
यह सिर्फ़ दिखावा नहीं है। टूटे हुए टुकड़ों की कटी सतहें हर जगह होती हैं, और ऑक्सीकरण सतह पर ही शुरू होता है। एक ही गोदाम में छह महीने रखे गए 36+ माल और टूटे माल की हालत एक जैसी नहीं रहती: एक अब भी मीठा रहता है, दूसरा वह अखरोट बन जाता है जो आपको याद है और पसंद नहीं।
चिली का अखरोट क्यों?
- कैलेंडर का फ़ायदा: चिली दक्षिणी गोलार्ध में है, वहाँ फ़सल लगभग अप्रैल में आती है, यानी उत्तरी गोलार्ध की फ़सल से करीब छह महीने पहले या बाद। साल की दूसरी छमाही में भारत में चिली का माल ताज़ा होता है जबकि उत्तरी माल पुराना हो रहा होता है।
- हल्की गिरी: ठंडी रातें और सूखी गर्मी से हल्का, कम टैनिन वाला दाना बनता है, इसलिए कसैलापन कम और मिठास ज़्यादा लगती है।
- नियंत्रित सुखाई: लगभग 3–4% नमी तक तापमान-नियंत्रित सुखाई।
कश्मीरी अखरोट भी बढ़िया है। यह मुक़ाबला नहीं है, पर यह आमतौर पर छिलके सहित बिकता है, स्वाद ज़्यादा तीखा और मौसमी होता है। अच्छा कश्मीरी माल मिले तो लें। दोनों अलग अनुभव हैं।
छिलके वाला या गिरी?
- छिलके सहित अखरोट सबसे लंबा चलता है, कमरे के तापमान पर भी लगभग छह महीने। मेहनत इतनी कि तोड़ना पड़ता है।
- गिरी तुरंत खाने या बेकिंग के लिए सुविधाजनक है, पर खोल से बाहर निकलने के बाद उसका समय तेज़ी से चलता है। इसलिए पैकिंग की तारीख यहाँ सबसे ज़्यादा मायने रखती है।
NutriBlend के दोनों रूप: अखरोट 36+ 500 ग्राम (छिलके सहित, चिली) और अखरोट गिरी 200 ग्राम।
ताज़ा अखरोट कैसे पहचानें
- रंग: हल्का सुनहरा, गहरा भूरा नहीं।
- गंध: हल्की मीठी। पेंट या मोम जैसी गंध का मतलब पुराना।
- चखकर: एक दाना चखें। कड़वाहट आए तो पूरा पैक बासी है।
- कुरकुरापन: ताज़ा गिरी करारी टूटती है, रबर जैसी नहीं मुड़ती।
स्टोर कैसे करें
अखरोट उन चुनिंदा नट्स में है जिन्हें फ्रिज की सचमुच ज़रूरत है। गिरी को हवाबंद डिब्बे में फ्रिज में रखें, छिलके वाले अखरोट को ठंडी, सूखी जगह।
अखरोट और दिमाग़: क्या साबित है?
अखरोट में ओमेगा-3 (ALA) वसा होती है और यह नट्स में सबसे ज़्यादा है। इसे पौष्टिक आहार का हिस्सा मानना ठीक है। पर "अखरोट खाओ, दिमाग़ तेज़ करो" जैसे सीधे वादे अतिरंजित हैं। रोज़ की मात्रा 2–3 पूरे अखरोट (4–6 आधे) पर्याप्त है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
अखरोट रोज़ कितने खाने चाहिए? 2–3 पूरे अखरोट, यानी लगभग 25–30 ग्राम गिरी का हिस्सा।
क्या गर्मियों में अखरोट खा सकते हैं? हाँ, मात्रा थोड़ी कम रखें या भिगोकर खाएँ। "गर्म तासीर" घरेलू मान्यता है, इसका पोषण-विज्ञान में मानक आधार नहीं है।
अखरोट की गिरी कड़वी क्यों लगती है? लगभग हमेशा पुराने तेल के कारण। ताज़ा, सही ग्रेड का अखरोट कड़वा नहीं होता।
36+ का क्या मतलब है? कम से कम 36% गिरी साबुत आधे हिस्सों में होना।
अखरोट का ग्रेड इस बात का भी ग्रेड है कि वह कितने दिन खाने लायक रहेगा।